Assistant Registrar and Inspector arrested in Kaithal while accepting

कैथल में सहायक रजिस्ट्रार और निरीक्षक 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, सतर्कता ब्यूरो की ट्रैप कार्रवाई

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Assistant Registrar and Inspector arrested in Kaithal while accepting bribe of Rs. 30,000, Vigilance

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए सहकारिता विभाग, कैथल में तैनात सहायक रजिस्ट्रार और निरीक्षक को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कार्यालय सहायक रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, कैथल से की गई।

ब्यूरो द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ऋषि कुमार (सहायक रजिस्ट्रार) और जसबीर सिंह (निरीक्षक) को योजनाबद्ध ट्रैप के तहत पकड़ा गया।


किस धारा के तहत दर्ज हुआ मामला?

इस संबंध में आरोपियों के विरुद्ध अभियोग संख्या 04 दिनांक 26.02.2026 दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के अंतर्गत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला में दर्ज किया गया है।

ब्यूरो ने बताया कि विधि अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।


शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए?

शिकायतकर्ता मांगे राम पुत्र श्री विजय सिंह, निवासी गांव पाडला, जिला कैथल ने सतर्कता ब्यूरो को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी अधिकारियों ने उसके पोते को सहकारिता विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर 1,00,000 रुपये की मांग की थी।

शिकायत के अनुसार:

  • 70,000 रुपये पूर्व में ले लिए गए थे

  • शेष 30,000 रुपये की मांग की जा रही थी

जब शिकायतकर्ता को संदेह हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हो रही है, तो उसने सतर्कता ब्यूरो से संपर्क किया।


कैसे बिछाया गया ट्रैप?

शिकायत की सत्यता की पुष्टि के बाद सतर्कता ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया गया।

निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को शेष 30,000 रुपये आरोपियों को देने के लिए भेजा गया। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही उन्हें काबू कर लिया।

पूरी कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।


जीरो टॉलरेंस की नीति

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। ब्यूरो का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी और भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।


आगे क्या होगा?

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि:

  • क्या अन्य अधिकारी भी इस मामले में शामिल थे

  • पहले लिए गए 70,000 रुपये की पुष्टि कैसे हुई

  • क्या और भी लोगों से इसी प्रकार धन की मांग की गई थी

जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया जाएगा।